नागदा- आर.टी.आई. में जानकारी देने से गुमराह करने वाले अधिकारीयों की शामत-नियमों का खुलासा

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Nagda|Mpnews24| म. प्र. शासन ने जनहित के सम्बंधित लोक सुचना अधिकारी को निर्धारित आरटीआई अर्थात सुचना का अधिकारी के प्रिंटेड  आवेदन के स्थान पर सादे कागज पर प्राप्त आवेदनों को स्वीकार करने के निर्देश दिये है।

2006 में म. प्र. शासन ने दिये निर्देश

सुचना का अधिकार अधिनियम 2005 कि धारा 6 की उपधारा 2 के प्रावधान अनुसार आवेदन सादे कागज पर भी सम्पर्क का पता एंव चाहि गई जानकारी एंव विवरण देकर आवेदन देता है। तो उसे मान्य करना होगा।म.प्र. शासन वल्लभवन के आदेश क्र. ए0प 11/36/2005।एफ/96 फरवरी 2006 के अनुसार सुचना का अधिकार आवेदन में फीस एंव अपील नियम 2005 के साथ सलंगन आवेदन पत्र का प्रारूप सुविधा के लिए नमूना मात्र है।

नगद भुगतान भी लेना होगा

फीस अथवा सूचना कि लागत नॉन ज्युडिशियल स्टॉम्प के साथ-साथ सम्बधिंत कार्यालय में नकद रूप में (एम. पी.टी.सी.) की रसीद काटकर भी जमा किया जा सकता है।म.प्र. शासन के निर्देशानुसार उपरोकत वर्णित परिपत्र के अनुसार आवेदक को नान ज्युडिशियल स्टाम्प फीस के रूप में लगाये जाने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता है। इस सम्बन्ध के सुचना का अधिकार फीस व अपील नियम 2005 के नियम 3,4,5,7 एंव 8 कि और ध्यान आकर्षित किया जाता है।

आवेदन का 5 दिवस में अंतरण करना आवश्यक

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 कि धारा 6 कि उपधारा 3 में प्रवधान है। कि यदि प्राप्त आवेदन कि जानकारी किसी अन्य लोक प्राधिकारी से सम्बधिंत है। अथवा जानकारी कि विषय वस्तु अन्य प्राधिकारी के कृत्यों से अधिक निकट रूप से सम्बन्ध दे तो उकत आवेदन का सम्बधिंत लोक सुचना अधिकारी को 5 दिवस के अंदर आवेदन अंतरित कर आवेदक को सूचना दी जाएगी।

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