उन्हेल खाचरौद नागदा

नागदा-विहिप नेता टाक ने किया थाने पर जाकर आत्म समर्पण, टांक के अंगरक्षक हटा दिए तो रूवाब के क्यों नही हटाए

Nagda | Mpnews 24 | कुछ माह पहले प्रकाश नगर में हुए विवाद को लेकर पुलिस ने विहिप नेता भेरूलाल टाक एवं अन्य लोगों के विरूध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इसी के चलते श्री टाक ने सोमवार को पुलिस थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्म समपर्ण किया। जिसकी जानकारी उनके समर्थकों एवं राजनैतिक दल के लोगों को लगी तो वह भी थाने पर रैली के रूप में जा पहुंचे यहां एक ज्ञापन भी एसपी के नाम थाना प्रभारी को देते हुए संबंधित विवाद के प्रकरण में कम चोट पर धारा 307 लगाने, मकान के संबध में झुठी धरा लगाने आदि बिंदुओं का उल्लेख किया जिसका पुलिस ने पालन नहीं करते हुए झूठी रिपोर्ट के आधार पर टाक व अन्य लोगों के विरूध प्रकरण पंजीवध किया था जिसे सोमवार को पुलिस ने श्री टाक को अपनी गिरफ्त में लेने के बाद न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मौके पर मोना टाक को भी हिरासत में लिया गया। इधर गिरफ्तारी को लेकर गौरक्षा प्रमुख सोहन विश्वकर्मा ने मिडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रूवाबउद्दीन व उनके भाई पर कई गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने कहा की रूवाबउद्दीन स्वयं प्रकाशनगर में झगड़ा करने आया था। टांक व उनके साथी झिरन्या नही गए थे। मामले की जांच अभी चल ही रही है और पुलिस ने टांक को गिरफ्तार कर लिया , उन्होंने संदेह व्यक्त करते हुए भी कहा की कुछ लोग टांक की हत्या करवाना चाहते है तभी जांच के पूर्व ही उन्हें गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होगी तो सत्यता सामने आ जाएगी की टांक बेगुनाह है। यहां उन्होंने न्याय व्यवस्था पर पूर्ण भरोसा करने की बात भी कहीं साथ ही इस बात की भी चेतावनी दी कि यदि उन्हें झूठे दर्ज प्रकरण को लेकर न्याय नही मिला तो विवश होकर आंदोलन का रूख अख्तियार करना पड़ेगा। इस दौरान प्रचार प्रमुख विनोद शर्मा उज्जैन, रूपेश ठाकुर, विजय टेपन बडऩगर, बबलु यादव, संतकुमार शर्मा, ओमप्रकाश खंडेलवाल,किसान नेता दयाराम धाकड आदि उपस्थित थे।

यह था मामला

दीपावली पर्व के समय गांव झिरन्या निवासी रूवाबउद्दीन ने विहिप नेता भेरूलाल टांक सहित लगभग 19 नामजद व 25 अन्य पर आरोप लगाया था की सब ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। इनकी शिकायत पर पुलिस ने धारा 307 व 353 सहित अन्य धाराओ में प्रकरण दर्ज किया था। तब से ही दर्ज किए प्रकरण को झूठा बताते हुए विरोध चल रहा था। इसको लेकर हिन्दु संगठन ही नही शहर के कई सामाजिक संगठनो व व्यापारियों ने भी ज्ञापन दिया था क झूठे मामले में विहिप नेता को फसाने का आरोप पुलिस पर लगाया जा रहा था। विरोध के चलते वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए थे। जांच चल रही है और पुलिस ने पूर्व में चार आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया था उनकी जमानत भी हो गई।

रूवाबउद्दीन पर भी है प्रकरण दर्ज

मामले में मोनू ने भी रूवाबउद्दीन पर मारपीट व जातिसूचक शब्दो के उपयोग का आरोप लगाकर शिकायत की थी। पुलिस ने शिकायत पर रूवाबउद्दीन पर भी प्रकरण दर्ज किया है। लेकिन उनकी गिरफ्तारी नही हुई है। हालांकि रूवाबउद्दीन ने भी इस मामले को झुठा बताया। मामला मुंबई अदालत तक जा पहुंचा है। विहिप नेताओं ने थाना घेराव के समय यह आरोप भी लगाया की वह भी आरोपी भी उन्हें गिरफ्तार क्यों नही किया जा रहा है। टांक के अंगरक्षक हटा दिए तो रूवाब के क्यों नही हटाए। पुलिस पक्षपात कर रही है।