खाचरौद-जिसके मन में नवकार उसका क्या बिगाड़ेगा संसार और उसी का होगा...

खाचरौद-जिसके मन में नवकार उसका क्या बिगाड़ेगा संसार और उसी का होगा भव भव से बेड़ा पार

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Kachrod|Mpnews24| यह बात जैन आचार्य श्रीमद् विजय जयानंद सूरीश्वरजी महारा ज  के शिष्य रत्न श्री   दिव्या नंद विजयजी महाराज साहब ने प्रवचन में सभी नवकार मंत्र आराधकों एवं समाजजनों को संबोधित करते हुए कही गौरतलब है कि नवकार मंत्र आराधना 9 दिनों का तप है जिसमें तपस्वी को 9 दिन एक समय भोजन  के साथ नवकार मंत्र की आराधना करनी होती है खाचरोद में पूज्य श्री की नीश्रा में रविवार से इस आराधना का आरंभ हुआ जिसमें सुवासरा रतलाम जावरा नामली उज्जैन बड़नगर भाट पचलाना बड़ावदा एवं खाचरोद के 125 आराधकों ने भाग लिया है स्थानीय संजोग परिसर में आराधकों के एकासना की व्यवस्था रखी गई है, इस आराधना में प्रतिदिन 270000 नवकार मंत्र का जाप होगा
आराधना से 1 दिन पूर्व जैन आचार्य विद्या चंद्र  सूरीश्वरजी  महाराज साहब के प्रथम शिष्य रामचंद्र विजय जी महाराज साहब की पुण्यतिथि सावन सुधी 6 के दिन सामूहिक आयंबिल का आयोजन भी किया गया