नागदा के एक युवक की फरियाद पर ग्रेसिम के चार बड़े अफसरों...

नागदा के एक युवक की फरियाद पर ग्रेसिम के चार बड़े अफसरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने का आदेश

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नागदा| एमपीन्यूज 24| सिंतबर 23। नागदा के एक बेरोजगार युवक के एक निजी परिवाद पर ग्रासिम के चार बड़े  अफसरों के खिलाफ न्यायालय नागदा ने भादवि की धारा 323 में प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर वी के शर्मा, राजेश शर्मा एवं दो अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने का आदेश है। जो अधिकारी अभियुक्त बनाए गए उन में से वीके शर्मा ग्रेसिम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानव संसाधन विकास तथा राजेश शर्मा जनंसपर्क अधिकारी है। अन्य दो अधिकारी राजेंद्र माथुर एवं राजेंद्र मथई के खिलाफ भी प्रकरण कायम करने का आदेश है। न्यायालय ने  युवक अनवर पिता शरीफ मोहम्मद मंसूरी उम्र 38 वर्ष निवासी चंबल सांगर कॉलोनी नागदा के एक निजी परिवाद पर की है। इस प्रकरण में अभिभाषक नाहरु ख़ान ने पैरवी की है।
यह है मामला- अदालत में निजी परिवाद प्रस्तुत किया गया उसके मुताबिक इन अधिकारियों ने युवक का प्रताडि़त किया। एक दिन मारपीट की तथा गाली गलोच के साथ बाहर करने का आरोप है। परिवाद में यह बातया गया कि पीडि़त लगभग 25 बरसों से ग्रेसिम में कार्यरत था। ग्रेसिम के मजदूरों के साथ हो रहे अत्याचार के विरोध में एक दिन आंदोलन में उसने भाग लिया। एक दिन 15 जनवरी 2016 को जब वह सुबह जनरल ऑफिस में गया तो इन चारों अधिकारियों ने सामुहिक रूप से मिलकर गालिया दी। धक्का – मुक्की के  साथ मारपीट भी की। नतीजन शरीर में कुछ चोटे भी आई।बाद में मामला जब पुलिस थाना गया तो तीन घंटे बैठाने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। यह भी बताया गया ये लोग रसूखदार है, जिनके प्रभाव से पुलिस ने रिपार्ट नहीं लिखी है। इस परिवाद के आधार पर न्यायाधीश तरूणसिंह ने अपने आदेश में लिखा है कि दस्तावेजों के आधार प्रथम दष्टया अभियुक्त  गणों के खिलाफ सज्ञान लिया जाता है। अधिकारियों को सूचना पत्र भेजने का आदेश भी दिया है।