नागदा-दलितों पर भूमाफियाओं की कोशिश हुई नाकाम, शिवराज सरकार का कड़ा कदम

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Nagda|Mpnes24| नागदा के समीपस्थ गांव बिरियाखेड़ी में रहने वाले दलित समाज के परिजन इन दिनों खासे भयजदा इसलिए है क्योंकि यहां कतिपय भु-माफियाओं के द्वारा जिन दलित परिवार को पट्टे की जमीन मिली हुई थी तथा करीब 20 वर्षो से वह यहां मकान बनाकर यहां रह रहे थे तथा कुछ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लॅान लेकर अपने आशियाने बना रहे है उनको वहां से बेदखल करने की भरसक कोशिशे की गई जिसकी शिकायत एसड़ीएम व बिरलाग्राम पुलिस थाने में भी कुछ दिन पहले की गई थी। लेकिन कहीं से भी कोई ठोस कार्यवाही को अंजाम नहीं दिया। परिणाम स्वरूप गुरूवार को उक्त पीडि़तों ने कन्याशाला चोराहे पर धरना देकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन नागदा तहसीलदार रमेश सिसौदिया को सौपा है। सौपकर प्रभावशाली लोगों के विरूध कार्यवाही करने की मांग की है।

इन बातों का किया उल्लेख

बिरियाखेड़ी की जिन दलित महिलाओं एवं पुरूषों के द्वारा कन्याशाला चौराहे पर धरना दिया था उन्होंने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम दिए ज्ञापन के माध्यम से बताया कि शासन के द्वारा उन्हें करीब 20 वर्ष पहले पट्टे दिए गए थे तथा पट्टे की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे थे तथा कुछ लोगो ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन लेकर मकान बनाए थे लेकिन यहां से उन्हें बेदखल करने के कतिपय प्रयास प्रभावशाली लोगों के द्वारा किए जा रहे है तथा इस बात का धमकी भी दी है कि अगर यहां से पट्टे की जमीन खाली नहीं की तो जेसीपी मशीन से तुडवा देगे। महिलाओं ने इस बात का खुला आरोप लगाया है कि धमकी देने , काली गलौच करने व जाति सूचक शब्द का प्रयोग करने वाला व्यक्ति राजेन्द्र पिता मुलसिंह शेखावत नागदा स्थित गोर्वमेट कॉलोनी का रहने वाला है तथा उसके द्वारा दलित परिवार को यह कहकर जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है कि उसके रिश्तेदार मंत्री एवं विधायक पद पर है। वैसे इस घटनाक्रम को लेकर धरना देने वाली दलितो से एसड़ीएम नागदा व एवं बिरलागा्रम पुलिस को भी धमकी देने वालों के खिलाफ नामजब्द लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन जब कार्यवाही नहीं हुई तो मजबूरन उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। वैसे तहसीलदार रमेश सिसौदिया ने आश्वस्त किया है कि वह कलेक्टश्र को सम्पूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराकर इंसाफ दिलाएगे।

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