नागदा- तो अब अरबो की बेशक़ीमती भूमि शासन के क़ब्ज़े मे, विधानसभा के जवाब से क़ब्ज़ेधारियो मे हड़कंप

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Nagda | Mpnews 24 | नगर के मध्य स्थित कृष्णा जिनिंग फैक्ट्री की भूमि सर्वे क्रं 438 पर शासन का कब्जा का अधिपत्य हो चुका है। इसका खुलासा विधानसभा में किया गया है। संबंधित भूमि को लेकर कांग्रेस के विधायक रामकिशोर दोगने ने विधानसभा में प्रश्न उठाकर विभाग के मंत्री से जानना चाहा कि क्या नागदा स्थित कृष्णा जिनिंग फैक्टी 438 का अधिपत्य शासन ने प्राप्त कर लिया है तथा शासन नगर के विकास हेतु नपा व विभिन्न विभाग को मांग करने पर उक्त भूमि का आवंटन करे देगा। संबंधित प्रश्न के उत्तर में राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि कृष्णा जिनिंग फैक्ट्री की भूमि को 30 मई 2014 को से तत्समय अधिपत्य प्राप्त कर किला है तथा भूमि की मांग प्राप्त होने पर नियम अनुसार उसके आवंटन पर विचार किया जाएगा।

कृष्णा जिनिग फैक्ट्री की भूमि बेशकीमति है

रानी लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित मैन बाजार में स्थित कृष्णा जिनिग फैक्ट्री एक मायने में बेशकीमती भूमि है। उक्त भूमि के अधिपत्य को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। उक्त जमीन पर लीजकर्ता राधाकृष्ण ओझा परिवार का लंबे समय से अधिपत्य रहा था लेकिन जिनिंग फैक्ट्री के बंद होने के बाद उक्त भूमि के स्वामित्य को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई थी लेकिन वर्ष 2014 में इस भूमि को शासन ने समाहित करने की कार्यवाही को प्रशासन के द्वारा अंजाम दिया गया था। बावजूद उक्त भूमि को लेकर लीजकर्ता के परिजन कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे लेकिन अब विधानसभा में स्पष्ट हो गया हैं कि उक्त भूमि को शासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।

जिनिंग फैक्ट्री पर विभिन्न निर्माण की योजना

जिनिंग फैक्ट्री की भूमि पर कई प्रशासनिक विभागों की नजरे लगी हुई है नगर पालिका भी इस भूमि पर स्थाई सब्जी मार्केट के निर्माण के अलावा और भी कई योजना को अमल में लाने का मन बनाए हुए है। इसके अलावा गत दिनों उक्त भूमि पर एडीजे कोर्ट के निर्माण की चहल कदमिया भी शुरू हुई थी तथा न्यायाधिश के द्वारा मौका स्थल का मुआयना भी किया गया था। चुंकि अब विधानसभा में साफ हो गया है कि उक्त भूमि शासन के अधिपत्य में आ चुकी है ऐसे में आने वाले समय में कोई बड़ा प्रोजेक्ट उक्त भूमि पर स्थापित हो सकता है वैसे राजस्व मंत्री ने भी खुलासा कर दिया है कि भूमि की मांग प्राप्त होने पर नियम अनुसार आवंटन पर शासन विचार करेगा।

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