नागदा

नागदा-नपा के अफसरों पर एक करतुत का आरोप, एक सीडी में भंडाफोड़ करने का दावा, पुलिस की चौखट पहुंची यह एक रोचक कहानी

Nagda | Mpnews 24  । नपा नागदा की अगुवाई में आयोजित गरबा कार्यकम के खिलाफ उच्च न्यायालय खंडपीठ में दायर एक याचिका का अभी निराकरण हुआ भी नहीं की इसी प्रकरण का एक बड़ा मुद़दा पुलिस थाने की चौखट पर पहुंच गया। कलेकटर, एसपी, एवं जाईट कमिश्रर नगरीय के समक्ष भी मामला उठा है। इस मुद़दे पर नपा के अफसरों को कटघरे में खड़ा करने तथा उन पर आरोप है कि कुट रचित दस्तावेजों के आधार पर एक करतुत की गई। इस आधार ऐसे अधिकारियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की माग की गई है। यहां तक की एक सीडी में बड़ा भंडाफोड़  करने का दावा किया गया है। यह सीडी भी आला अफसरों को भेजी गई है। तथा यह आरोप लगाया गया कि नपा के जिम्मेदार अफसरों ने उस मामल में हाईकोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया जो हाल में गरबा कार्यक्रम को लेकर दायर हुई है।  कुट रचित दस्तावेजों बनाकर झ़ुठी प्रोसेडिग़ लिखने की हकीकत उजागर की गई। अपनी बात के पक्ष में परिषद की बैठक की प्रोसडिग़ की प्रति भी संलगन की गई है।

कौन है वो लोग जिन्होंने मुद़दा उठाया

कुट रचित दस्तावेजों के निर्माण की शिकायत के आगेवान प्रतिपक्ष नेता सुबोध स्वामी है। इस शिकायत पर कांग्रेस पार्षद प्रमोदं चौहान, जय प्रकाश मल्लाह, शंकर प्रजापत, योगेश मीणा, जगदीश मिमरोट, संदीप चौधरी, कमलेश चावंड, मंजू दिनेश ररोतिया, गीता महेंद्र यादव, श्यामु जीवन कटारिया, सत्यवती कल्याणसिंह, एवं हूर बी के हस्ताक्षर है। बतौर प्रमाण के पुलिस थाने में प्राप्ति की प्रति सुरक्षित है।

यह कहानी

यह मुद़दा उठाया गया कि गरबा कार्यक्रम कराने के लिए प्रस्ताव परिषद की बैठक में 14 नवंबर 2016 को प्रस्ताव लाया गया था। बैठक में इस प्रस्ताव का कुछ लोगों ने विरोध भी किया। बाद में यह निर्णय हुआ कि इस प्रस्ताव को पीआईसी की बैठक में रखा जाएगा। लेकिन इसको कुट रचित प्रोसडिंग के आधार पर परिषद की बैठक में पारित करने के दस्तावेज अफसरों ने बना लिए। यहां तक की खर्च की राशि भी अलग-अलग तय कर ली गई। राशि लगभग बीस-तीस लाख खर्च करने का प्रस्ताव पारित हो गया।

यहां से चोरी पकडऩे का खुलासा

शिकायत में यह भी बताया गया कि इधर, परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव बताया गया है, उधर पीआईसी की बैठक भी हुई। इस बात का प्रमाण दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर से देने का प्रयास किया गया। यह खबर 22 सितंबर 2016 को प्रकाशित हुई है। जिसमें लिखा हैकि नपा सभागृह में पीआइसी की बैठक हुई। नपा गरबों पर करेगी 20 से 25 लाख खर्च। उधर, गरबा कार्यक्रम को लेकर जो याचिका सुबोध स्वामी एवं अभय चोपड़ा ने दायर की है उसमें जवाब के लिए 22 नंवबर की तिथि नियत है।

सीडी में हकीकत का दावा

शिकायत के साथ पुलिस को जो सीडी सौपी गइ है वह परिषद सम्मेलन की है। उसमे यह बताने का प्रयास हैकि परिषद की सम्मेलन में सिर्फ प्रस्ताव को पीआईसी में भेजने का निर्णय है। प्रस्ताव के खर्च और उसको मंजूर करने के कोई तथ्य नहीं है।

अफसर ने किए उंचे हाथ

इस मामले सीएमओ डीएस परिहार का जब मत जाना गया तो उनका कहना थाकि गरबा कार्यक्रम की प्रोसडिंग मेरे कार्यकाल की नहीं है। उसके बाद मैंने चार्ज लिया है।