नागदा की एक धरोहर के मामले में पुरातत्व विभाग पीछे हटा, प्रशासन...

नागदा की एक धरोहर के मामले में पुरातत्व विभाग पीछे हटा, प्रशासन के पाले में अब गेंद

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NAgda | Mpnews24 | October 11 । चंबल तट स्थित महाभारत कालीन नागदाह टेकरी के सौंदर्यीकरण का मामला खटाई में पड़ता दिख रहा है। पुरातत्व विभाग इसे पर्यटन स्थल बनाने की योजना से पीछ़े हट गया है। साथ ही मप्र शासन के दस्तावेज में इसे संरक्षित स्मारक घोषित नहीं किया है।यह खुलासा हाल में एक सूचना के अधिकार में हुआ । सूचना का अधिकार बंटू बोडाना चंद्रवंशी निवासी पाड़ल्या कलॉ नागदा ने लगाया था। आरटीआई में पुरातत्व विभाग पश्चिम क्षेत्र उपसंचालक इंदौर ने इस मामले में गेंद अब जिला प्रशासन उज्जैन के पाले में डाल दी है। टेकरी का सौंदर्यीकरण करने तथा इसे पर्यटक स्थल बनाने की मांग चंद्रवंशी बागरी समाज समिति  के राष्टीय संस्थापक अंबाराम परमार निवासी गांव भड़ला ने कलेक्टर के समक्ष उठाई थी। राष्टीय संस्थापक ने कलेक्टर को यह पत्र 16 मई 2016 को दिया था। उसके बाद कलेक्टर ने यह मामला पुरातत्व विभाग भोपाल के समक्ष  रैफर किया।

यह उठाया आरटीआई में मामला

चंद्रवंशी बागरी समाज के एक युवक बंटु बोडाना ने राष्टीय संस्थापक अंबाराम के पत्र को आधार बनाकर सूचना का अधिकार लगाया। जिसमें यह खुलासा हुआ है।

विभाग ने यह दी सलाह

पुरातत्व विभाग ने इस मामले में यह सलाह दी है कि नागदाह टेकरी का सौंदर्यीकरण व पर्यटकस्थल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन स्तर पर ही प्रयास करना होगा।

नपा का प्रस्ताव चाल रहा धूल

मजेदार बात यह है कि टेकरी को पर्यटन स्थल बनाने के लिए  नगर पालिका नागदा ने एक प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव को लगभग चार बरसों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।  नगर पालिका  सीएमओ नागदा ने भी एक सूचना के अधिकार में यह लिख कर दिया है कि नपा परिषद ने जो टेकरी के सौंदर्यीकरण के लिए प्रस्ताव पारित किया उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।