नागदा- एक ऐसा अनोखा आयोजन, कोई नेता नहीं वृद्ध महिलाएं बनी मेहमान

नागदा- एक ऐसा अनोखा आयोजन, कोई नेता नहीं वृद्ध महिलाएं बनी मेहमान

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nagdaNagda | Mpnews 24  नागदा शहर में एक अनूठा आयोजन हुआ। अनूठा इसलिए की अमूमन कार्यक्रम में नेता मेहमान बनते हैं। इस जलसे में वृद्ध महिलाओं को यह जिम्मेदारी दी गई। खास बात यह थी कि इस आयोजन की कमान भी एक नारी ने संभाली थी। कार्यक्रम इतना बेहतरीन हुआ कि अपनी अमिट छाप छोड़ गया।

यह था कार्यक्रम का उद़ेश्य

कार्यक्रम का मकसद महिलाओं को कला के प्रति जागृत करना था। बात यह थीकि वार्ड 17 में राजकुमारी पति प्रकाश मालपानी ने यह बीड़ा उठाया कि मोहल्ले में रांगोली प्रतियागिता का कार्यक्रम किया जाए। देखते-देखते 152 प्रतियागियों ने अपने नाम पंजीकृत कराए। जब विजेताओंं को पुरस्कृत किया गया तो वृद्ध महिलाओं को मेहमान बनाया गया। इनके हाथों ही विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

एक गृहिणी की यह सोच

यह भी बताते कि कार्यकं्रम की संयोजिका राजकुमारी मालपानी एक गृहिणी थी, जिसको राजनीति से कोई सरोकार भी नहीं। मंच कलाकार अतुल मालपानी की यह मां है।

ये महिलाएं बनी मेहमान

समारोह में बतौर अतिथि पुष्पा जोशी, सुरजबाई लोहार, राधा शर्मा, राजवंती कोटवानी, निर्मला सोनी, एवं अनुसूइयाबाई सेन शिरकत की। मंच का संचालन कवि कमलेश दवे सहज ने किया। आभार प्रकाश मालपानी ने माना।

इनको मिला पुरस्कार

पहला पुरस्कार पर किरण राधेश्याम खाटवा ने कब्जा किया। किरण को टाली बेग इनाम में मिला। द्धितीय पुरस्कार मंयक कैलाश नाथ चोरे के नाम लिखा गया | ईनाम ट्रोली बाग मिला |  तृतीय इनाम कनिष्का नरेंद्र अवस्थी को मिला।इनको सफ़र बेग दिया गया | चतर्थ पुरस्कार सफर बेग मेघा अविनाश को दिया। पंचम इनाम खुशी सूनील जोशी को मिला।| इन्हे एलेक्ट्रिक प्रेस मिली| जिन-जिन महिलाओं एवं युवतियों ने इस आयोजन में भागीदारी की सभी का सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा 21 प्रतिभागियों को 6 पीस वाले कपसेट दिए गए।

इनका मिला सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में नमीता राहुल खंडेलवाल, ललिता जितेंद्रसिंह राणावत, चंद्रकांता राजेश शर्मा, मंजू दिलीप तिवारी, रजनी महेंद्र पारीक, रेखा प्रकाश राठौर, रेखा प्रफु ल्ल रूपाल, सरिता रोहित सोनी, संध्या प्रमोद बाथम, रेखा विकास गुर्जर, सीमा संजय सोनी, सुगनकुंवर सांवतसिंह पंवार, मंजू नरेंद्र पंडया, सुुनीता मदनलाल राठौर, सुशीला जगदीश भुतड़ा, का योगदान रहा।