नागदा के नेताओं का बड़ा हास्यास्पद विवाद ,शिवराज के दरबार पहुंचा राखोड़े का खेल , राखोड़े का यह है सच

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Nagda(विभोर चोपड़ा) mpnews24|नागदा किसी जमाने में राखोड़ा सबसे घटिया माना जाता था। एक कहावत भी थी कि राखोड़े में घी डालना। लेकिन नागदा के नेताओं में तो राखोड़ा अब घी हो गया। राखेड़े को लेकर यहां आए दिन विवाद के नजरे हो गए है। आखिरकार राखोड़ा जो यहां करोडपति बनाने की एक खदान हो गया है।इसलिए नागदा के नेताओं की नजरे इस राखेड़े पर टिकी रहती है। चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या फिर विपक्ष का। सुना तो यहां तक है कि अब तो बाहर के नेताओं को भी नागदा का राखोड़ा मन भा रहा है।अब हास्यापद बात यह हैकि यहां के राखेड़े का खेल मुख्यमंत्री शिवराज की चौखट पर पहुंच गया। यदि शिवराज इस धंधे का समझ लेंगे तो समझ में आ जाएगा नागदा की सियासत में राखेड़े की कितनी कीमत है।

शिवराज के समक्ष यह शिकायत

नागदा के एक नेता शंकरलाल प्रजापत यह पूरा किस्सा लेकर सीएम के समक्ष पहुंचे है। बकायदा वे शिकायत मुख्यमंत्री के निजी सहायक संतोष कुमार शर्मा को देकर आए है। जिसकी प्रति भी उन्होने शील मोहर के साथ प्रेस को जारी की है|उन्होंने नियमानुसार जांच कराने का निर्देश एसपी को दिया है। शंकरलाल ने अपना पद शिकातय के साथ भारतीय प्रजापति हीरेाज आर्गेनाईजेशन का युवा प्रदेश अध्यक्ष बताया है।

आम लोग थोड़ा समझ ले राख का खेल

यहां के उधोगों से प्रतिदिन टनों से राख निकलती है। यह राख नहीं बल्कि सोना उगलती है। इस राख का उपयोग ईट बनाने में होता है। इस राख की तासिर बडी निराली है। इस कारण उधोगों में जिसकी जितनी ताकत है उसको ठेका मिल जाता है। यह राख ग्रेसिम के पावर हाउस एवं लैंक्सेस से निकलती है।

अब शंकरलाल ने यह उठाया मुद़दा

मुख्यमंत्री के निजी सचिव के पास जो राखोड़े की शिकायत पहुंची है, उसमे शंकरलाल ने लिखा है कि इन उधोगों ने स्थानीय नेताओं के दवाब में गैर प्रजापत समाज के लोगों को ठेका दिया है। बाद में ये लोग उचेंं दामों पर राख प्रजापत समाज को देकर लाखों कमा रहे हैं। शंकरलाल ने यह भी लिखा कि गत दिनों इस मामले को लेकर उसके साथ मारपीट हुई है। पुलिस ने हल्की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। यहां तक की इस राख को लेकर मामला उठाने वाले लोगों को हत्या करने की धमकी दी जा रही है। इस पूरे मामले में सीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। इधर कुम्हार लोगों का शोषण भी इस खेल में होने की बात कही गई है।

शिवराज को बताया मैं तो भाजपा कार्यकर्ता

शंकरलाल जो शिकायत की उसमे अपना परिचय दिया है। जिसमे बताया गया कि मैं भाजपा में विभिन्न पदों पर रह चुका हूं।

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