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नागदा के पास एक झोपड़ी में दिखा था प्रशासन को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार का हकदार

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गाव की इस झोपड़ी मे पहुचा था खत
एस डी एम की 24 बरस पुरानी चिट्ठी
एस डी एम की 24 बरस पुरानी चिट्ठी

(केैलाश सनोलिया),नागदा। एमपी न्यूज 24। अगस्त 30। प्रतिभा को पहचान बताने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि उसमे गुण है तो सरकार भी उसका दरवाजा खटखटाती है। नागदा के पास एक गाव क़ी झोपड़ी में राष्ट्रीय  युवा पुरस्कार देने के लिए प्रशासन 24 बरस पहले दस्तक दी थी। यह खुलासा हाल में हुआ है। हालांकि उस युवा को  पुरस्कार तो नहीं मिला। लेकिन उस युवक के पुरस्कार का प्रस्ताव अब एसडीएम खाचरौद के लिए जी का जंजाल बन गया है। कलेक्टर  ने सभी दस्तावेज आरटीआई में उपलबध कराने का आदेश दिया है। एसडीएम को दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। प्रशासन ने 1992 में  अंबाराम परमार अध्यक्ष चंद्रवंशी समाज सुधार समिति भड़ला  को पत्र भेजकर यह राष्ट्रीय युवा पुरस्कार के लिए प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव  जमा भी किया गया। हाल में नागदा के एक युवक बंटू बोडाना चंद्रवंशी निवासी नागदा ने इस मामले में एसडीएम से पुरस्कार के दस्तावेज मांग लिए। एसडीएम ने लिखित में जवाब दे दिया। मामला 24 बरस पुराना है इसलिए कागज नहीं है। मामला जब कलेक्टर  के समक्ष आरटीआई में पहुंचा तो कलेक्टर ने एसडीएम के तर्क को खारिज कर 24 बरस पुराने कागजात मुहैया कराने का आदेश लिखित में दिया है।कलेक्टर ने एसडीएम कायह तर्क भी नामंजूर कर दिया कि मामला पूराना है। अब देखना है एसडीएम कैसे कलेक्टर के आदेश का पालन करते हैं।कलेक्टर ने यह आदेश 8 अगस्त2016 को आरटीआई अपील में दिया है।