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नागदा-लगातार हो रही है चंबल के पानी की चोरी, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

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Nagda|Mpnews24| एसडीएम की प्रभावी कार्रवाई के बावजुद चंबल नदी से पानी चोरी कर उद्योग को दिये जाने का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। मेहतवास क्षेत्र में सुलभ कॉम्पलेक्स के समीप स्थित कुए में नदी से मोटर लगा कर नदी का पानी सीधे छोडा जा रहा है जो वहाँ से नाली के पानी में मिलाकर भिजवाया जा रहा है। इस कार्य को अंजाम देने वाले पानी खरीदने वाले उद्योग से वारे न्यारे करने में लगे हुए हैं। प्रशासन यदि इस और ध्यान नहीं देता है तो आने वाले समय में नदी के बांध क्र. २ में तेजी से घटते जल स्तर की वजह से जहाँ पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होगी वहीं बिरलाग्राम स्थित ग्रेसिम उद्योग में उत्पादन कार्य प्रभावित होने की आशंका भी गहरा जायेगी।

नदी का पानी कुए में, फिर नाले से उद्योग में

गत माह नगर पालिका प्रशासन की मांग पर कलेक्टर ने चंबल नदी के पानी का अपव्यय व दुरूपयोग रोकने के लिए पेयजल परिरक्षण अधिनियम २७ फरवरी को लागू कर दिया था। शासन के निर्देश पर ग्रेसिम को उत्पादन कार्य हेतु चंबल नदी के बांधों से पानी लेने के लिए छुट मिली हुई है। अन्य उद्योग तथा कृषि कार्य हेतु सीधे नदी का जल लेने पर स्थानिय प्रशासन ने मार्च माह में प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नायन तथा आसपास के ग्रामों जहाँ नदी क्षेत्र स्थित है वहाँ लगी मोटरे जप्त की थी। समय-समय पर प्रशासन नदी में पानी के उपयोग की देख-रेख के लिए टीम भी वहाँ भेज रहा है बावजुद इसके कतिपय लोग प्रशासन की कार्रवाई को धता बताते हुए पानी चोरी के नये-नये तरीके ईजाद कर अपनी जेब भरने का कार्य कर रहे हैं। मेहतवास क्षेत्र के आस-पास नदी से चोरी किया जा रहा पानी नाले के रास्ते एक विदेशी उद्योग में भिजवाया जा रहा है जहाँ से उन्हें इस कार्य के लिए मोटी रकम प्राप्त हो रही है।

विभाग की जानकारी में भी है नदी का पानी नाले में जाने की बात

ग्रेसिम उद्योग के अलावा चंबल नदी के बांधों में मौजुद पानी का आंकलन पीएचई विभग के अधिकारी भी निरंतर करते हैं। पानी की वास्तविक मात्रा का आंकलन उचित संसाधनों के अभाव में नहीं हो पाने की सुरत में कई बार विभाग की कार्यप्रणाली पर इस बात को लेकर प्रश्न उठे हैं कि वह बांधों में मौजुद जलराशि के आंकलन के लिए उद्योग द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले आंकडों पर ही निर्भर रहता है। इस संबंध में विभाग के अधिकारीयों से चर्चा करने पर यह बात सामने आयी है कि विभाग निरंतर पानी की मात्रा के आंकलन के साथ उसके दुरूपयोग को लेकर स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। विभाग के ही एक अधिकारी ने यह भी चर्चा में उजागर किया है कि नदी से पानी की शिकायत एसडीएम नागदा को हुई थी जिसमें यह बात सामनें आयी थी कि नदी का पानी नाले के रास्ते व्यवसायिक उपयोग में लिया जा रहा है। यहाँ पानी की चोरी धडल्ले से होने की जानकारी भी विभाग को है और इस संबंध में प्रशासन के सहयोग से जल्द ही बडी कार्रवाई को अंजाम दिया जा सकता है।

इनका कहना है

कुछ समय पूर्व चंबल नदी के बांधों में उपलब्ध पानी का आंकलन विभाग द्वारा किया गया था। वर्तमान में कितना पानी शेष बचा है इसकी जानकारी मंगलवार-बुधवार तक ही दी जा सकती है। चंबल के बांधों से पानी चोरी होने की जानकारी प्रशासन को शिकायत के माध्यम से मिली थी, इस संबंध में भी अनुविभागीय अधिकारी स्तर पर कार्रवाई की जाना है।
    श्री गुप्ता
                                                                      असिस्टेंट इंजीनियर, पी.एच.ई.