नागदा-कृष्णा जिनिंग फैक्ट्री में शीघ्र न्यायालय निमार्ण में विधायक शेखावत की बड़ी...

नागदा-कृष्णा जिनिंग फैक्ट्री में शीघ्र न्यायालय निमार्ण में विधायक शेखावत की बड़ी सफलता

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Nagda | Mpnews24 | नागदा में एडीजे कोर्ट प्रांरभ होने की राह प्रशस्त होने के बाद न्यायालय भवन के लिए भी शासन द्वारा भूमि का चयन लगभग कर लिया गया है। विधानसभा में उठे एक प्रश्न के उत्तर में लोक निर्माण मंत्री रामपालसिंह ने नागदा की शासकीय भूमि सर्वे नं. ४३८ रकबा ३.५८५ हेक्टेयर पर नवीन न्यायालय भवन एवं आवासीय भवनों के निर्माण हेतु आवंटन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।

विधायक शेखावत ने उठाया था प्रश्न

क्षेत्र के विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने विधानसभा में प्रश्न किया था कि न्यायाधीशों के आवास के लिये नागदा में कोई योजना प्रचलित हैं तथा वह कब तक स्वीकृत हो जाएगी। साथ ही यह भी पुछा था कि वर्तमान न्यायालय परिसर नागदा के प्रथम मंजिल के निर्माण के लिये कोई योजना प्रस्तावित है तो वह कब तक स्वीकृत हो जाएगी।

मंत्री ने यह दिया जवाब

विधायक शेखावत द्वारा पुछे गए प्रश्न के उत्तर में लोक निर्माण मंत्री रामपालसिंह ने सदन में प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि तहसील नागदा में न्यायिक अधिकारियों के लिये आवासीय भवनों के निर्माण हेतु कलेक्टर उज्जैन के आदेश दिनांक २९ जनवरी २०१४ के द्वारा ग्राम पाडल्या कलां तहसील नागदा स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक २९४ रकबा ३.५१२ हेक्टेयर गोचर में से ०.२० हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। उक्त भूमि अनुपयुक्त होने के कारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश उज्जैन के द्वारा उक्त भूमि के स्थान पर नागदा मेें सर्वे क्रमांक ४३८ रकबा ३.५८५ हेक्टेयर शासकीय भूमि नवीन न्यायालय भवन एवं आवासीय भवनों के निर्माण हेतु आवंटन की कार्यवाही प्रचलित है। मंत्री ने यह भी कहा है कि वर्तमान में न्यायालय भवन नागदा में एक न्यायालय कक्ष, अभिलेखागार कक्ष, प्रतिलिपि कक्ष, मालखाना कक्ष के विस्तृत प्राक्कलन तैयार कराए जाने के लिये जिला एवं सत्र न्यायाधीश उज्जैन द्वारा संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग, पीआईयू उज्जैन को पत्र दिनांक २० जनवरी २०१६, स्मरण पत्र २३ फरवरी २०१६ एवं १२ मार्च २०१६ को लिखा गया है, परन्तु लोक निर्माण विभाग के उक्त निर्माण कार्य से संबंधित विस्तृत प्राक्कलन आज दिनांक तक अपेक्षित है।

प्रस्ताव वित्तीय समिति के समक्ष है विचाराधीन

विधानसभा में बुधवार को नागदा के चामुण्डा माता मंदिर के डाउन स्ट्रीम में स्टाप डेम निर्माण को लेकर भी प्रश्न विधायक शेखावत द्वारा उठाया गया जिसमें उन्होंने विभाग के मंत्री से प्रश्न किया था कि नागदा के चामुण्डा माता मंदिर के चम्बल नदी के डाउन स्ट्रीम में ७ अगस्त २००७ को स्टॉपडेम निर्माण की स्वीकृति हुई थी एवं इसका टेण्डर भी नवम्बर २००७ में हो चुका था, किन्तु इसके बाद भी डेम का निर्माण आज तक नहीं हुआ है। ऐसे में उक्त डेम निर्माण की प्रक्रिया वर्तमान में किस स्तर पर प्रचलित है तथा डेम का निर्माण कब प्रारंभ हो जाएगा।
विधायक शेखावत द्वारा पुछे गए प्रश्न के उत्तर में जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने स्वीकारा है कि वर्ष २००७ में चम्बल नदी के डाउन स्ट्रीम में डेम की स्वीकृति प्रदान की गई थी। मंत्री मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित स्थल के डाउन स्ट्रीम में नगर पालिका परिषद नागदा द्वारा जल आवर्धन परियोजना प्रस्तावित करने के कारण परियोजना निरस्त करने का प्रस्ताव स्थायी वित्तीय समिति के समक्ष विचाराधीन होने से समय सीमा बताना संभव नहीं है।