नागदा-केन्द्रीय समाजिक कल्याण मंत्री के शहर में विकलांग से नौकरी के नाम...

नागदा-केन्द्रीय समाजिक कल्याण मंत्री के शहर में विकलांग से नौकरी के नाम पर नपा कर्मचारियों ने वसुले तीस हजार नामांतरण के नाम पर भी की हजारों की ठगी

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Nagda |Mpnews24| देश में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में उत्कृष्ठ कार्यो के चलते नागदा के रहवासी केन्द्रीय मंत्री थावरचन्द गेहलोत ने जहाँ नगर ही नहीं संपूर्ण प्रदेश को गौरवान्वित किया है वहीं उनके गृह नगर की नगर पालिका में बैठे अधिकारि विकलांगों को भी नौकरी के नाम पर झांसा देकर रूपये ऐंठने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की शिकायत विकलांग राजू गुप्ता पिता रामनक्षत्र गुप्ता ने देश के प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी सहित जिले के आला अधिकारियों को की है।

क्या है मामला

फरियादी विकलांग राजू गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह दोनों पैरों से विकलांग होकर है तथा उसके साथ नगर पालिका नागदा के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा धोखाधडी कर रूपये तो ऐंठे ही साथ ही महीनों तक उससे कार्य करवाये जाने के बाद भी उसे किसी भी प्रकार की तनख्वाह नहीं दी गयी। विकलांग राजू का कहना है कि जुलाई २०१५ में नगर पालिका में कम्प्यूटर ऑप्रेटर के पद हेतु वहीं पर कार्यरत संविदा कर्मचारी पंकज द्वारा ३० हजार रूपये में नौकरी पर रखवाने हेतु ले लिये। पंकज द्वारा उसे ततकालीन मुनपा अधिकारी आर.के. जैन एवं कम्प्यूटर कार्य के ठेकेदार राजेश पाण्डे से भी मिलवाया। उन्होंने कहा कि अभी तुम ठेके के तहत नगर पालिका के कार्य सीख लो उसके बाद तुमको स्थाई नौकरी प्रदान कर दी जावेगी तथा तुम्हें ७ हजार रूपये प्रतिमाह देंगे। कार्य पर रखे जाने के बाद उससे तीन माह तक सुबह से शाम तक कार्य करवाया गया। जब राजू ने वेतन की मांग की तो ठेकेदार पाण्डे ने कहा कि पंकज ने नहीं बताया कि मैं वेतन ६ माह या एक वर्ष में ही देता हूँ। मुनपा अधिकारी से बात करने पर भी उन्होंने ठेकेदार से वेतन दिलवाने की बात कही। फरियादी राजू के मुताबिक ततकालीन मुनपा अधिकारी ने राजू को यहाँ तक कहा था कि उनकी अध्यक्ष से बात हो गयी है पीआईसी के माध्यम से तुम्हे नौकरी पर रखवा दिया जावेगा। लेकिन कुछ माह बाद ही वह सेवानिवृत्त हो गये। इस तरह नौकरी के नाम पर ३० हजार रूपये देने तथा ६ माह तक नपा में कार्य करने के बाद भी उसे कुछ भी नहीं मिला। इस दौरान वह नपाध्यक्ष से भी मिला तथा उन्होंने भी मेरे काम की तारीफ करते हुए मुण्े डेली वेजेस पर रखने की बात कही थी लेकिन नपाध्यक्ष ने भी उसे कार्य पर नहीं रखा। फरियादी राजू ने उक्त लोगों के अलावा नपा के अन्य कर्मचारियों पर भी कई गंभीर आरोप अपने प्रेषित आवेदन में लगाये हैं।

नमांतरण प्रकरणों में भी हुआ गोलमाल

राजू गुप्ता ने अपने आवेदन में इस बात का भी उल्लेख किया है कि उसकी दोस्ती जनवरी २०१५ में नगर पालिका में कार्यरत पंकज से हुई थी वह प्रकाश नगर गली नं. ३ में रहता है। उसी दौरान अन्य लोग भी नगर पालिका से संबंधित कार्य पैसे देकर पंकज से करवाते थे। उसने भी अप्रैल में पंकज से विद्या नगर स्थित उसके मकान का नामान्तरण करवाने की बात कही तो उसने राजस्व विभाग के एक अधिकारी से मिलवाया तथा उन्होंने तथा पंकज ने ३००० रूपये लेकर मेरा नामांतरण करने की बात कही तथा उक्त बात किसी को नहीं बताने हेतु भी हिदायती दी तथा कहा कि तुम्हारा नामांतरण हो गया है किसी से मत कहना तथा बाद में प्रमाण-पत्र भी मिल जावेगा ऐसा कह कर उसे चुप कर दिया।

इन्हें भी भेजा शिकायती पत्र

आवेदक राजू द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, शहरी विकास मंत्री वैकैया नायडू, सामाजिक न्याय मंत्री थावरचन्द गेहलोत, कर्मकार मण्डल अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, सांसद चिंतामणी मालवीय, विधायक दिलीपसिंह शेखावत, संयुक्त संचालक उज्जैन, कलेक्टर उज्जैन, एसडीएम नागदा, पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर, सामाजिक कार्यकर्ता अभय चौपडा, नेता प्रतिपक्ष सुबोध स्वामी एवं थाना प्रभारी नागदा को भी उचित कर्रवाई हेतु शिकायत प्रेषित की है।