नागदा-कांग्रेस पार्षद जनता को कर रहे है गुमराह -श्री अग्रवाल

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Nagda |Mpnews24| नागदा नगर पालिका परिषद् ने भाजपा विचाराधारा की परिषद् शहर में विकास कार्यो को अंजाम दे रही है तथा जनता का समर्थन भी उक्त परिषद् को मिल रहा है। परंतु यह बात कांग्रेस के पार्षदों को रास नहीं आ रही है। कांग्रेस के पार्षदों नित् नए नए सगफे छोडक़र जनता को गुमराह कर रहे है तथा मुख्य नपा अधिकारी को मोहरा बनाकर उनके द्वारा विकास कार्यो को अवरूध किया जा रहा है।यह आरोप लोक निर्माण समिति के सभापति हरिश अग्रवाल के द्वारा अपने जारी प्रेस बयान के माध्यम से लगाए गए है। श्री अग्रवाल का कहना है कि केन्द्रीय मंत्री थावरचन्द्र गेहलोत, विधायक दिलीपसिंह शेखावत के द्वारा शहर की जल आंवर्धन योजना की डिस्टीब्यूशन पाईप लाईन एवं अमृत योजना में शहर को शामिल किया गया है। जिसके फल स्वरूप करीब 80 से 90 करोड़ रूपए विभिन्न योजनाओं में प्राप्त होना है। उक्त राशि प्राप्त होने से विभिन्न विकास कार्यो को किया जाना है।

शासन के निर्देश पर बढ़ाया है कर

लोक निर्माण समिति के सभापति का कहना है कि नगर पालिका परिषद् के द्वारा जल कर एवं घर घर से कचरा उढाने के एवज में जो कर लगाया है उसको लेकर शासन के द्वारा नगर पालिका को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था तथा जल आवर्धन योजना व विकास कार्यो पर तथा स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत नपा के द्वारा न्युनतम शुल्क निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसी निर्देश पर अमल करते हुए जल कर पर न्युनतम 20 रूपए प्रतिमाह प्रत्येक घर से एवं केवल 50 रूपए प्रतिमाह सम्पत्ति करदाता से वसूला जाना निर्धारित किया है। वहीं घर घर से कचरा उढाने के एवज में 1 रूपए प्रतिमान से प्रतिमाह 30 रूपए का कर लगाया गया है।

हठधर्मिता के कारण कार्य हो रहे है प्रभावित

लोकनिर्माण समिति के सभापति श्री अग्रवाल का यह भी आरोप है कि नगर पालिका परिषद् की मुख्य नपा अधिकारी देवेन्द्रसिंह परिहार की कार्यशेली स्वेच्छाचारिता, हठधर्मिता के कारण विगत कई माह से करीब 28 निर्माण कार्य के कार्यादेश आज दिनांक तक संबंधित ठेकेदारों को नहीं देने के साथ साथ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारियों योजना का क्रियावन नहीं हो पा रहा है। जल आवर्धन योजना के अंतर्गत 1450 लाख रूपए की लागत से ड़ाली जाने वाले डिस्टूब्यूशन पाईप लाईन का कार्य का अनुबंध एवं संबंधित संविदाकार को कार्यादेश नहीं देने से उक्त कार्य प्रभावित हो रहे है। एसे में परिषद् की छवि धूमिल हो रही है। इस बात को लेकर कांग्रेस के पार्षद खुश हो रहे है। एसे में अगर मुख्य नपा अधिकारी की कार्यप्रणाली के चलते परिषद् के कार्य नहीं कर पाएगी तो उसका फायदा आगे चलकर कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी को होगा। श्री अग्रवाल का कहना है परिषद् की बैठक में मुख्य नपा अधिकारी के विरूध निंदा प्रस्ताव रखा गया था तो कांग्रेस के पार्षदों व नेताप्रतिपक्ष सुबोध स्वामी के द्वारा टालमटोल किया गया तथा निंदा प्रस्ताव को सर्वानुमति से पारित करने के बजाए बहुमत के आधार पर पारित करवाया गया है। इससे स्पष्ट होता है भाजपा की बहुमत की परिषद् को मुख्य नपा अधिकारी को मोहरा बनाकर शासन की एवं मुख्यमंत्री की जलकल्याणकारी योजनाओं के क्रियावन को पलिता लगाया जा रहा है। उन्होने यह भी बताया कि निंदा प्रस्ताव पारित करने के बाद उसे आगामी कार्यवाही के लिए शासन व प्रशासन को प्रेषित किया जा रहा है।

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