नागदा -किसान आदोलन का जिन नागदा में भी -ग्राम गढी भैंसोला के...

नागदा -किसान आदोलन का जिन नागदा में भी -ग्राम गढी भैंसोला के किसान ने की आत्महत्या

272
SHARE

Nagda|Mpnews24|  खाचरौद तहसील के ग्राम गढी भैंसोला में कर्ज में डुबे किसान बाबुलाल पिता वरदीराम चौधरी ने गांव में ही अपने मकान के बाहर गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। किसान के परिवार पर पाँच लाख रूपये का कर्जा होने तथा हाल ही में खेत में बोई गई सोयाबीन के बीज खराब होने संबंधी बात घटना का कारण होना बताए गए हैं। मघ्यप्रदेश के विभिन्न भागों में कर्ज तले दबे किसानों द्वारा आत्महत्या करने से जुडी घटनाओं का बढना अब एक बडी चिंता का कारण बन गया है। शासन एवं प्रशासन लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी कोई ठोस अथवा कारगर कदम अभी तक उठा नहीं सका है। गरीब तथा हालात के मारे किसान सिर पर लदे कर्ज को न चुकाने की स्थिति में उत्पन्न विपरित परिस्थितियों को भोगने के लिए मजबुर हैं उनकी पीडा सुनने वाला भी यहाँ कोई नहीं है। बैंकों द्वारा कर्ज वसुली के लिए लगातार बनाये जा रहे दबाव से पिडित किसानों का हौसला टुटता जा रहा है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का ऐसी स्थिति में यह दायित्व बनता है कि वह किसानों की पीडा, परेशानी को समझ कर उन्हें राहत दिलाने की दिशा में कार्य करें। लेकिन उनके भी इस और से मुँह मोड लिये जाने के बाद स्थिति संभलने के बजाय और विकट हो चुकी है।

 क्या है मामला

शुक्रवार की सुबह जब ग्राम गढी भैंसोला के किसान बाबुलाल के टापरेनुमा मकान में सोये परिवार के अन्य सदस्य जाग कर जब घर के बाहर निकले तो फांसी के फंदे पर झुल रहे युवा किसान का शव देख कर उनके हौंश उड गये। किसान ने कर्ज तथा बोयी गयी सोयाबीन के बीज खराब होने पर संभवत: यह कदम उठाया है। गुरूवार-शुक्रवार की रात परिवार के सभी सदस्य घर में साथ सोये थे। सुबह जागने पर जब बाबुलाल द्वारा उठाये गये कदम से जुडी घटना के प्रत्यक्षदर्शी जब परिवार के अन्य सदस्य बने तो न सिर्फ उनके पैरों तले जमीन खसक गई अपितु इस घटना के बाद उनका सबकुछ उजड चुका है। बाबुलाल की पत्नि हाल ही में मायके से लोटी थी तथा बाबुलाल के दो पुत्र एवं एक पुत्री है। बडा पुत्र १० वर्ष की आयु का बताया गया है। 

बैंक, साहुकार एवं समुह लोन से था परेशान

मृतक के बडे भाई जानकीलाल के अनुसार मृतक सहित परिवार में तीन भाई हैं जिन पर आई.सी.आई.सी.आई. बैंक का ५ लाख रूपये का ऋण बकाया है। इसके अलावा बाबुलाल ने समुह, साहुकार आदि से भी कुछ लोन ले रखा था जिसकी प्रति सप्ताह किश्तें चुकाने का दबाव तो उस पर था ही बैंक के बकाया ऋण की वसुली के लिए भी उस पर दबाव लगातार बढता जा रहा था। ऋण आदि परेशानी से बाबुलाल व परिवार के अन्य सदस्य जुझ ही रहे थे दुसरी तरफ हाल ही में खेत में बोये गये सोयाबीन के बीज खराब हो जाने से परिवार का मनोबल और अधिक गिर गया था। तनाव में जी रहे बाबुलाल ने देर रात अप्रिय कदम उठाते हुए गले में फांसी का फंदा डालकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

लहसुन की फसल बेचने पर भी हुआ था नुकसान

यह जानकारी भी मिली है कि आर्थिक परेशानी से जुझ रहे किसान ने इतना बडा कदम उठाने से पहले घर में रखी कुछ क्विंटल लहसुन बेच कर कर्ज चुकाने की नाकाम कोशिष भी की। जो लहसुन कभी ४ से ५ हजार रूपये क्विंटल बीक चुकी थी उसका दाम उसे बाजार में केवल १६०० रूपये प्रति क्विंटल ही मिल पाया। इस स्थिति में किसान की परेशानियाँ और अधिक बढ चुकी थी। परिस्थितियों से हार कर उसने जो कदम उठाया उससे अब उसका परिवार सदमें में है।

 बहनोई को बताई थी आपबिती 

कर्ज के चलते अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले कृषक बाबुलाल ने इतना बडा कदम उठाने से पूर्व आर्थिक परेशानियों से संबंधीत चर्चा अपने बडनगर तहसील के ग्राम जलोदिया निवासी महेश को बताई थी। बाबुलाल ने बताया था कि वह बैंक, साहुकार एवं समुह के लोन आदि से काफी घिर चुका है तथा सोयाबीन की फसल बोने हेतु भी उसने कर्ज लिया था लेकिन सोयाबीन का बीज अवर्षा तथा अन्य कारणों से खराब हो गया है, ऐसे में उसे पुन: बोवनी करनी होगी तथा उसकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब है  िकवह पुन: बीज के लिए पैसा भी नहीं जुटा पा रहा है।

घटना के बाद भी प्रशासन ने नहीं ली सुध

राजनेता भी नदारत मामले में ग्राम के रहवासियों का कहना है कि इतनी बडी घटना होने के बाद भी शाम तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी गांव नहीं पहुचा था। सिर्फ पुलिस थाने के अधिकारी है मौका स्थल पर पहुँचे थे। हालांकि कुछ ग्रामीणों ने कहा कि एसडीएम के शाम तक आने की संभावना है। समाचार लिखे जाने तक कोई भी जनप्रतिनिधि एवं अथवा राजनेता भी गांव नहीं पहुँचा था।