नागदा-इंटेकवेल बनना बंद नहीं हुआ तो श्रमिक छेडेंगे उग्र आंदोलन

नागदा-इंटेकवेल बनना बंद नहीं हुआ तो श्रमिक छेडेंगे उग्र आंदोलन

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Nagda | Mpnews24 | पानी की कमी से नागदा के प्रमुख ग्रेसिम उद्योग व अन्य उद्योगों में गहराये मोजुद संकट से उद्योग मेंं कार्यरत टे्रड यूनियन मोर्चा के प्रतिनिधियों ने गुरूवार को केन्द्रीय मंत्री थावरचन्द गेहलोत, सांसद चिंतामणी मालवीय व जिला कलेक्टर को अवगत कराने के साथ ही मजदूरों के समक्ष उत्पन्न रोजी-रोटी के संकट को दूर करने के लिए २२ गांवों को चंबल नदी के बजाय बनबना तालाब से पीने के पानी की व्यवस्था कराने की मांग की।
मोर्चा के प्रतिनिधि विजयसिंह रघुवंशी, जोधसिंह राठौड, जगमालसिंह राठौड आदि ने मंत्री श्री गेहलोत सांसद एवं कलेक्टर को संकट की स्थिति से अवगत कराने के साथ ही चंबल नदी स्थित डेम क्रमांक एक में मौजुद पानी से २२ गांवों को पानी देने के लिए इन्टेकवेल के निर्माण कार्य को रोके जाने की मांग भी की। मजदूर नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि इंटेकवेल का निर्माण नहीं रोका जाता है तो मजदूरों का गुस्सा भडक सकता हैं। उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर गत ३ मई से ट्रेड यूनियन मोर्चे द्वारा चरणबद्ध आंदोलन भी किया जा रहा है। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों पर गौर नहीं करते हुए यदि समस्याओं का उचित समाधान नहीं निकाला गया तो उद्योगों में कार्यरत मजदूर उग्र आंदोलन छेडेंगे जिसकी जवाबदारी शासन, प्रशासन की होगी।