नागदा-टावर के रेडियेशन के खिलाफ ताल ठोककर जनता मैदान में, प्रशासन संदेह...

नागदा-टावर के रेडियेशन के खिलाफ ताल ठोककर जनता मैदान में, प्रशासन संदेह के घेरे में

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Nagda|Mpnews24|मोबाईल कम्पनी के टावर लगाने को लेकर रहवासियों द्वारा आये दिन विवाद हो रहे है कि जनता का आक्रोश इतना बढ जाता है कि कभी भी कोई भी गंभीर दुर्घटना एवं जनहानि हो सकती है। माननीय जिलाधीश कार्यालय द्वारा टावर लगाये जाने आस पास की जनता से बिना किसी नोजुड के टावर लगाये जाने की अनुमति दिया जाना एवं नगर पालिका द्वारा बिना किसी जांच पडताल के अनुमति दिया जाना एक गंभीर मामला है जनता को तो यही मानना है कि टावर के रेडियेशन से घातक बिमारिया होती है ओर अपने परिवार के स्वास्थ की रक्षा के लिये टावरों के फेलते मकड जाल के खिलाफ ताल ठोक कर मैदान में आ गई है विधि विशेषज्ञ शैलेन्द्र चौहान का भी मानना है कि टावर लगाने में शासन द्वारा निधारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिये।

रिलायंस जिओ 4जी टावर लगाने का भाजपा पार्षद व वार्ड के लोगो ने किया विरोध

रिलायंस जिओ द्वारा 4जी जीबीएम टावर लगाने के मामले में कंपनी के लोगों को यहां की भाजपा वार्ड पार्षद उर्षा गुर्जर व वार्ड के अन्य लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। बढते विरोध के चलते टावर लगाने पहुंचे लोगों को संसाधनों सहित बैरग लोटना पड़ा। जबकि टावर लगाए जाने के मामले में कलेक्टर के द्वारा अनापति प्रमाण पत्र दिया गया था। वहीं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा भी इसकी विधिवध रूप से अनुमति दी गई थी । परंतु वार्ड के लोगों ने व महिला पार्षद ने इसका विरोध करते हुए होने वाले कार्य को रूकवा दिया। कलेक्टर के द्वारा जो अनापति प्रमाण पत्र दिया था उसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि चन्द्रशेखर आजाद मार्ग, मोहन अग्रवाल एवं गीताबाई के निवास के बीच की गली में टावर लगा सकते है। इतना ही नहीं यहां टावर लगाने के स्थान का चयन नगर पालिका के पूर्व सहायक इंजीनियर मिर्जा के द्वारा किया गया था। इस बात का उल्लेख वार्ड क्रं 10 में टावर लगाने पहुंचे कंपनी के लोगों के द्वारा किया गया। विरोध करने वाली महिला पार्षद का कहना था कि उनके वार्ड में टावर लगने से कई तरह की समस्याए उत्पन्न हो जाएगी तथा टावर से निकलने वाली तरंगों के कारण यहां के लोगों के स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ेगा। एसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा विरोध किया जा रहा है भले ही टावर लगाने की अनुमति नपा के अधिकारियों ने ही क्यों न दी हो।